किरण गौड़ की रिपोर्ट
सोनभद्र। बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में स्थित अजंता मिनरल कंपनी पर गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा उपकरण के खनन कार्य करा रही है। परिणामस्वरूप हाल ही में कई मजदूर हादसों का शिकार हो चुके हैं, जिनमें जानलेवा घटनाएँ भी शामिल हैं।
👉 सुरक्षा मानकों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं
खनन क्षेत्र में लगातार बढ़ रही दुर्घटनाओं का मुख्य कारण सुरक्षा नियमों की अनदेखी माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और मजदूरों ने आरोप लगाया है कि कंपनी प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारी सुरक्षा इंतजामों की परवाह किए बिना मजदूरों से खतरनाक खनन कार्य करा रहे हैं।
👉 प्रशासन मौन, मजदूर परेशान
हालात इतने गंभीर हैं कि मजदूर रोज़ अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद प्रशासन और खनन विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। पीड़ित मजदूरों का कहना है कि जब भी हादसे होते हैं, जांच और कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर दी जाती है।
👉 NGT नियमों की अनदेखी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि खनन कार्य NGT (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के नियमों को दरकिनार कर तय सीमा से कहीं अधिक गहराई तक किया जा रहा है। इससे न केवल मजदूरों की जान खतरे में पड़ रही है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
👉 मिलीभगत के आरोप
गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारियों और खनन माफिया की मिलीभगत से ही यह अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है। कार्रवाई की औपचारिकता तो होती है, लेकिन परिणाम शून्य ही रहते हैं।
📌 स्थानीय लोगों की मांग है कि मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और खनन क्षेत्र में कड़े नियम लागू किए जाएँ, ताकि और मासूम जानें हादसों का शिकार न हों।
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