सोन नदी में धड़ल्ले से जारी है अवैध बालू खनन, NGT के रोक के बावजूद पुलिस-प्रशासन बना `मूकदर्शक`”

190

सोनभद्र/जुगैल। सोन नदी में अवैध पुल बनाकर बीच जलधारा से ठेकेदार कर रहा बालू खनन जूगैल थाना क्षेत्र के चौरा बिजोरा घाट में ठेकेदार द्वारा सोन नदी में बोरियों मे मिट्टी भरकर जलधारा रोक दर्जन से अधिक पोकलैंड मशीन लगाकर जमकर सेंचुरी क्षेत्र में हो रहा अवैध बालू खनन ।जहां एक और प्रदेश की योगी सरकार अवैध खनन व नदियों की सुरक्षा के लिए दिन-रात योजनाएं बना रही है तो वहीं दूसरी ओर बालू ठेकेदार एनजीटी के नियमों को ताक में रखकर एवं खनिज अधिकारियों की मिलीभगत से आए दिन नदी की जलधारा को सीमेंट की बोरियों में मिट्टी भरकर जलधारा को अवरूद्ध कर बालू खनन का कुत्सित कार बड़ी जोरों पर कर रहे हैं एक और शासन प्रशासन लोकसभा चुनाव कि सर गर्मियों में व्यस्त है तो वहीं दूसरी ओर यह बालू माफिया सरकारी संपदा को तय मानक 1 नियम के विरुद्ध अधिकतम गहराई तक असीमित पोकलैंडो के माध्यम से सरकारी खजाने की लूट मचाए हुए हैं।” अगोरी व ब्रह्मोरी में बालू निकलती हैं कहीं से और परमिट मिलता है कहीं का इसी तर्ज पर सीमा से बढ़कर नदी के बीच धारा से आगे बढ़कर नदी के बीच  सीमा में रास्ता बना कर अवैध बालू खनन किया जा रहा है तथा अवैध बालू उत्खनन का पूरा काम प्रशासन के नजरों के सामने हो रहा हैं, जिससे यह विदित होता हैं कि खनन विभाग, स्थानीय पुलिस प्रशासन,राजस्व विभाग और वन विभाग का बालू माफियाओं से अच्छी सॉठ-गॉठ हैं। गांव वासियों  के अनुसार सीमा से बाहर जा कर अवैध बालू खनन किया जा रहा है।समाचार पत्रों में खबर लगने पर प्रशासन अपनी नाक बचाने के लिए दिखावे के तौर पर 1-2 हाईवा, ट्रक पड़कर खानापूर्ति कर देती हैं, जब विभाग द्वारा अवैध साइडों पर छापेमार कार्यवाही की जाती है तो विभाग के अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही अवैध बालू उत्खनन में लगी हुई बड़ी-बड़ी पोकलेन ,जेसीबी मशीनें और सैकड़ों हाईवा, ट्रक, डंपर, टीपर वहां से गायब कर दिए जाते हैं जो प्रशासन के सॉठ-गॉठ के बिना संभव नहीं है। चौरा व बिजोरा क्षेत्र के जंगलों से वन विभाग कार्यालय से मात्र तीन चार किलोमीटर की दूरी पर बालू माफिया ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध बोल्डर निकालकर  नदी की जलधारा को अवरुद्ध कर पोकलेन जेसीबी नाव द्वारा 40 से 50 फीट गहराई तक बालू खनन का कार्य कर रहे हैं माननीय मुख्यमंत्री महोदय जलीय जीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नदियों में मछलियों के बीज डलवा रहे हैं वहीं भ्रष्टाचार पोषित आधिकारियों के संरक्षण में  बालू माफियाओं के इस प्रकार के अवैध उत्खनन से जलीय जीव जंतुओं को भारी नुकसान हो रहा है और वर्तमान में सोन नदी के जलीय जीव-जंतु निरंतर बड़ी मात्रा में मर रहे हैं,  स्थानीय लोगों  के अनुसार अगोरी खंड 1  खंड 2   व खंड 3  तथा ब्रह्मोरी क्षेत्र के मालिकों व कर्मचारिओं द्वारा  इस समय पूरे क्षेत्र में सक्रिय होकर अवैध बालू उत्खनन का कार्य जोरों शोरों से किया जा रहा है। तथा बालू का बड़ा स्टाक जिले में कुछ स्थानों पर इनके द्वारा बनाया जा रहा है जिससे राजस्व की चोरी कर अवैध रूप से रेत का परिवहन किया जा सके ।अगोरी की वन पहाड़ियों से जब अवैध रूप से बोल्डर निकाल कर रास्ते का निर्माण व जल जीवों की हत्या पर कोई रोक नहीं लगाया जाना  हैं वन विभाग के कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। जिससे यह साफ जाहिर होता है कि प्रशासन के कर्मचारी और अधिकारी इस प्रकार के बालू माफियाओं के साथ अच्छी सांठगांठ है। खनन से  सोनभद्र जिले के  राजस्व विभाग को अच्छा खासा लाभ होता है।”लेकिन इस प्रकार के बालू माफिया और प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से राज्य सरकार को राजस्व को भारी क्षती हो रही है। इस  खबर के  प्रकाशन के बाद देखने वाली बात यह होगी कि क्या बुलडोजर  बाबा का बुलडोजर इन बालू माफियाओं के भ्रष्ट रवैया पर चलेगा या फिर बालू माफियाओं का बुल्डोजर सोन नदी के सीने को छलनी करता रहेगा।”

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

Live Share Market

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now